20 सितंबर 2013 - 19:30
लखनऊ में ख़ुर्शीदे विलायत कांफ़्रेंस का आयोजन

लखनऊ से प्रकाशित अवधनामा दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार छोटे इमाम बाड़े में अहलेबैत फ़ाउंडेशन की तरफ़ से इमाम रज़ा अ. के जन्म दिवस के अवसर पर ख़ुर्शीदे विलायत कांफ़्रेंस आयोजित की गई। इस कांफ़्रेंस में विशेष रूप से भाग लेने के लिये ईरान स्थिर ईमाम रज़ा अ. के रौज़े की कमेटी के प्रतिनिधि मंडल नें भाग लिया। जिसमें महमूद रज़ा ब्राजिश, शमसुद्दीन दयानी, मसूद बजनी और अल मुस्तफ़ा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि के रूप में ग़ुलाम रज़ा महदवी नें भाद लिया।कांफ़्रेंस का आरम्भ मसूद बजनी नें तिलावते कलामे पाक से किया। इस अवसर पर उर्दू अरबी फ़ारसी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अनीस अंसारी नें लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इमाम रज़ा की सीरते तय्बा मार्ग दर्शन है। उन्होंने कहा कि इमाम रज़ा अ. नें पड़ोसियों और ग़रीबों का किस तरह ध्यान रखा जाए, इस बात की शिक्षा दी है। शिक्षा प्राप्त करने पर इमाम रज़ा अ. नें काफ़ी ज़ोर दिया है और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम किया है।अल मुस्तफ़ा यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि के रूप में आए जनाब रज़ा महदवी नें कहा कि हिन्दुस्तान के लोगों का काफ़ी महत्व है। यहाँ पर सभी लोगों को उनके धर्म के सम्बंध में पूर्ण स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि इमाम रज़ा अ. को आलिमे आले मोहम्मद की उपाधि इस लिये मिली क्योंकि उन्होंने शिक्षा को बहुत ज़्यादा महत्व दिया था। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान और ईरान के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक सम्बंधों को बढ़ाकर रिश्तों को सुधारा जा सकता है।लखनऊ के इमामे जुमा सय्यद कल्बे जवाद नक़वी नें कहा कि पूरे विश्व में इमाम रज़ा अ. की शिक्षाओं पर अमल किया जा रहा है। इमाम रज़ा अ. नें लोगों को शिक्षा के माध्यम से ज़िन्दगी जीने का सलीख़ा सिखाया है। न्होंने कहा कि अगर लोग उनकी शिक्षाओं पर अमल करें तो न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि शांति और उन्नति एंव संस्कृति के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।